बच्चों को गुल्लक लेकर देने से उनमें बचत की भावना का विकास होता है बच्चों को आप पॉकेट मनी देते रहते हैं इसके अलावा दादी नानी से या रिश्तेदारों से भी उन्हें पैसे मिलते रहते हैं धीरे-धीरे अपने बच्चों को प्रेरित करना चाहिए कि उसमें से कुछ हिस्सा वे अपने गुल्लक में डालते जाए जब उनका गुल्लक भर जाए और उसमें कुछ सौ रुपए जमा हो जाए तो उनमें कुछ पैसे अपनी ओर से मिलाकर अपने नजदीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस में उनका खाता खुलावाया जा सकता है यकीन मानिए पासबुक में अपना नाम और उसके आगे दर्ज रुपए देखकर बच्चे काफी खुश होते हैं साथ ही बचत के प्रति प्रेरित भी होते हैं जब बच्चे के नाम से किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में कुछ रुपए जमा हो जाते हैं तो जाहिर है उस पर उनको ब्याज भी मिलता है बच्चों को ब्याज के बारे में समझाएं उन्हें बताएं कि पैसे जमा करने के बदले बैंक या पोस्ट ऑफिस हर महीने उस पर ब्याज देते हैं पास बुक में दर्ज ब्याज की राशि देखकर बच्चे उत्साहित हो जाते हैं ऐसे में उन्हें इस बात के लिए प्रेरित किया जा सकता है कि वे हर महीने कुछ राशि बैंक या पोस्ट ऑफिस के अपने खाते में डाले साथ ही बच्चों को यह भी समझाया जाना चाहिए कि बचत के कुछ विकल्प ऐसे हैं जिनमें ब्याज पर भी ब्याज मिलता है अपने बच्चों को बचत की सीख देना ही पर्याप्त नहीं होता बचत सिखाने के साथ ही साथ इस के बेहतर इस्तेमाल की बात भी बताई जानी चाहिए बच्चे अपनी बचत से अपनी मनपसंद किताबें खरीद सकते हैं या अपना पसंदीदा खिलौना खरीद सकते हैं वह मौका देखने लायक होता है जब बच्चा अपनी मां या पिता के जन्मदिन के मौके पर अपनी बचत से गिफ्ट खरीद कर देता है इस तरह के छोटे-छोटे काम करते हुए बच्चा खुश तो होता ही है साथ ही साथ पैसे का महत्व समझता जाता है
बच्चों को गुल्लक लेकर दे